3 दिन बाद बेटी की चिता से परिवार ने ली अस्थियां, भाई बोला- जब तक आरोपियों को फांसी नहीं होगी, तब तक इसे प्रवाहित नहीं करूंगा

3 दिन बाद बेटी की चिता से परिवार ने ली अस्थियां, भाई बोला- जब तक आरोपियों को फांसी नहीं होगी, तब तक इसे प्रवाहित नहीं करूंगा

उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के साथ हुए गैंगरेप केस में पीड़िता की मौत के बाद उसके शव को जिला प्रशासन ने गांव के बाहर ही जला दिया था। 3 दिन बाद परिवार के सदस्य वहां अस्थियां लेने पहुंचे। भाई ने कहा कि जब तक इस मामले में शामिल आरोपियों को फांसी की सजा नहीं मिल जाती, तब तक इन अस्थियों को प्रवाहित नहीं किया जाएगा।
इससे पहले, एसआईटी की जांच के नाम पर परिवार को रोककर रखा गया था। गांव में मीडिया की एंट्री पर भी बैन लगा दिया गया था। हालांकि, 3 दिन बाद शनिवार को मीडिया को गांव में एंट्री मिली। इसके बाद परिवार आज चिता स्थल पर जाने के लिए राजी हुआ।
वहां से लौटने पर जब भाई से पूछा गया कि बहन की अस्थियों को कब प्रवाहित करेगा परिवार?, इस पर उसने कहा, “अभी हम कुछ कह नहीं सकते हैं। दो अधिकारी आए थे। जो उन्होंने पूछा, बता दिया है। मेरे हाथ में जो अस्थियां हैं, वो किसकी हैं मुझे यह भी नहीं पता। अंतिम समय में चेहरा भी नहीं देखने को मिला बहन का।”
भाई ने कहा- लावारिस समझ कर मेरी बहन को पेट्रोल डालकर जला दिया
पीड़िता के भाई ने कहा कि हमें प्रशासन ने आखिरी बार अपनी बहन को नहीं देखने दिया। प्रशासन का कहना था कि उसका पोस्टमार्टम हुआ है। भाई ने कहा- जब वह हॉस्पिटल में थी, तब हम ही तो थे और वह मेरी बहन थी, कैसे हम नहीं देख पाते? मेरी बहन को लावारिस समझ कर पेट्रोल डालकर जला दिया। दो बड़े अफसर आये थे। हमने उनसे अपनी शिकायतों को बताया, लेकिन दूसरे लोगों की तरह वह सिर्फ आश्वासन देकर चले गए।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के चंदपा इलाके के बुलगढ़ी गांव में 14 सितंबर को 4 लोगों ने 19 साल की युवती से गैंगरेप किया था। आरोपियों ने युवती की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी और उसकी जीभ भी काट दी थी। दिल्ली में इलाज के दौरान पीड़िता की मौत हो गई। चारों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दुष्कर्म नहीं हुआ था।

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