Chaitra Navratri 2020 : मैहर माता का दरबार रहा सूना, बिरासनी माता मंदिर में 431 कलशों की स्थापना

Chaitra Navratri 2020 : मैहर माता का दरबार रहा सूना, बिरासनी माता मंदिर में 431 कलशों की स्थापना

उमरिया/सतना। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नवरात्रि शुरू होने के बावजूद माता रानी के दरबार सूने रहे और आम लोगों के लिए मंदिरों के दरवाजे बंद कर दिए गए। उमरिया जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ कलचुरी कालीन बिरासिनी देवी माता मंदिर में हर साल की तरह इस बार धूमधाम नहीं रही और मंदिर के सन्नाटे के बीच 431 आजीवन द्वारा ज्योति-ज्वारा कलशों की स्थापना की गई। सुबह मुहूर्त में तहसीलदार विराट ने घट स्थापना कराई। इस दौरान मंदिर के पंडा गोपाल विश्वकर्मा मौजूद रहे।

हमेशा की तरह इस बार धूमधाम से नवरात्रि का पर्व शुरू नहीं हुआ और बेहद शांति पूर्ण माहौल में घट स्थापना के बाद मंदिर के सभी दरवाजे बंद कर दिए गए। बिरासिनी देवी माता मंदिर में चैत्र नवरात्रि पर 15,000 से ज्यादा कलशों की स्थापना की जाती है लेकिन इस बार एक भी अतिरिक्त जवारा कलशों की स्थापना नहीं की गई। सिर्फ वही जवारा कलश स्थापित किए गए जो आजीवन स्थापित करने के लिए श्रद्धालुओं ने रसीदें कटा रखी थीं।

मैहर में माता का दरबार सूना

चैत्र नवरात्र का पावन पर्व बुधवार से शुरू हो गया है। चैत्र नवरात्र में हर वर्ष पूरे नौ दिन तक मैहर स्थित मां शारदा देवी का मंदिर श्रद्धालुओं से भरा रहता था। लेकिन इस बार कोरोना के कहर ने माता के दरबार को भक्तों से सूना कर दिया है।

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा मंदिर में श्रद्धालुओं के आने पर प्रतिबंध लगाया है। नवरात्र के पहले दिन प्रधान पुजारी पवन महाराज द्वारा त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा देवी का भव्य श्रृंगार एवं आरती की गई एवं सभी भक्तों के लिए स्वास्थ्य खुशहाल रहने की मां से प्रार्थना की गई।

COMMENTS

WORDPRESS: 0