अक्षय तृतीया के अवसर पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

अक्षय तृतीया के अवसर पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

कोरोना वायरस के खौफ और लॉकडाउन के बीच शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा से मां गंगा की उत्सव डोली सादगी पूर्वक अपने पहले पड़ाव भैरव घाटी के लिए रवाना हुई। शारीरिक दूरी के मानकों का पालन करते हुए डोली यात्रा में सिर्फ 21 लोग शामिल हुए। इनमें दो बाजगी (ढोल वादक) और 19 तीर्थ पुरोहित के साथ श्री गंगोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारी शामिल थे। रविवार सुबह डोली गंगोत्री धाम पहुंचेगी और दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर गंगोत्री धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे। इसी तरह यमुनोत्री धाम के कपाट भी दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर खोले जाएंगे। मां यमुना की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल खरसाली से रविवार सुबह यमुनोत्री के लिए प्रस्थान करेगी।

इसी के साथ औपचारिक रूप से चारधाम यात्रा का प्रारंभ हो जाएगा। लेकिन, तीर्थयात्रियों के आगमन पर विचार तीन मई को लॉकडाउन खुलने के बाद ही होगा। उधर, बाबा केदारनाथ की डोली भी रविवार को ही ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर से केदारनाथ के लिए प्रस्थान करेगी। केदारनाथ के कपाट 29 अप्रैल को खोले जाएंगे। जबकि, बदरीनाथ के कपाट 15 मई को खोले जाएंगे। मुखबा में सुबह तीर्थ पुरोहितों ने मां गंगा की पूजा-अर्चना प्रारंभ कर दी थी। इसके बाद मां गंगा की उत्सव प्रतिमा को सजाकर डोली में विराजमान किया गया। ठीक 12 बजकर 30 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में डोली गंगोत्री की ओर रवाना हुई।

इस दौरान मुखबा गांव के निवासियों समेत हर्षिल, धराली व बगोरी के ग्रामीणों ने घरों से ही मां गंगा के चरणों में पुष्पांजली अर्पित की। यह पहला अवसर था, जब मुखबा के ग्रामीण शीतकालीन मंदिर परिसर में नहीं आ सके। मुखबा से मार्केंडेय मंदिर और देवी मंदिर होते हुए जब डोली जांगला के निकट आइटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) के कैंप कोपांग के पास से गुजरी तो आइटीबीपी के जवानों ने भी लॉकडाउन का पालन करते हुए दूर से ही मां गंगा को प्रणाम किया। शाम के समय डोली रात्रि विश्राम के लिए भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर पहुंची। इस अवसर पर गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, सचिव दीपक सेमवाल भी उपस्थित रहे। डोली यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने शारीरिक दूरी के मानकों का विशेष ख्याल रखा।

पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से बाबा केदार की डोली रविवार को केदारनाथ के लिए रवाना होगी। दो पड़ावों पर विश्राम करने के पश्चात डोली 28 अप्रैल को केदारनाथ पहुंचेगी। 29 अप्रैल को सुबह 6 बजकर10 मिनट पर केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे।

COMMENTS

WORDPRESS: 0