कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह का बयान, कहा – कोरोना लॉकडाउन ने साफ किया पर्यावरण, अब राजनीति भी शुद्ध करें सियासी दल

कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह का बयान, कहा – कोरोना लॉकडाउन ने साफ किया पर्यावरण, अब राजनीति भी शुद्ध करें सियासी दल

भोपाल । कोरोना लॉकडाउन के कारण देश का पर्यावरण शुद्ध हो गया है, लेकिन अब राजनीतिक शुचिता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। यह सवाल आम आदमी की तरफ से नहीं आया है बल्कि गत चार दशक से देश की राजनीति से जुड़े वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के अनुज विधायक लक्ष्मण सिंह ने उठाया है। उन्होंने राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि वे ईमानदार लोगों को आगे लाकर राजनीति को शुद्ध करें।

लक्ष्मण सिंह ने ट्विटर पर तीन लाइन का एक ट्वीट किया है। कोरोना महामारी से निपटने के लिए देश में लागू लॉकडाउन की आड़ में कहा, ‘लॉकडाउन के कारण आज गंगा-जमुना स्वच्छ हो गई और पर्यावरण शुद्ध हो गया। राजनीतिक दल भी विचार करें। चाटुकार, भ्रष्ट, असामाजिक तत्वों को पार्टी से दरकिनार कर, ईमानदार लोगों को आगे लाएंगे तो राजनीति भी शुद्ध होगी।

लक्ष्मण सिंह के बयान पर कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं ने भले ही चुप्पी साध ली, लेकिन लोगों ने इसे पसंद करते हुए इसकी जरूरत बताई है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद विधायक लक्ष्मण सिंह की वरिष्ठता को नजरअंदाज किए जाने का वे खुलकर विरोध दर्ज नहीं करा पाए थे, लेकिन उनकी पत्नी रुबीना शर्मा सिंह ने समय-समय पर यह बात बताने की कोशिश की।

हाल ही में शिवराज मंत्रिमंडल की शपथ के बाद जब जीतू पटवारी ने वरिष्ठता को नजरअंदाज किए जाने का बयान दिया था तो रुबीना सिंह ने कहा था कि यह केवल भाजपा में ही नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल किया था कि क्या 16 महीने पहले वरिष्ठ नेताओं की जगह युवाओं को मंत्री नहीं बनाया गया था?

पहले अपने गिरेबां में झांके कांग्रेस के पूर्व सांसद सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा, ‘मैं राजनीति छोड़ चुका हूं, जो राजनीति में हैं उनसे यह सवाल होना चाहिए।’ लेकिन, उन्होंने लक्ष्मण सिंह के ट्वीट पर कहा, ‘पहले वे अपने गिरेबां में झांककर देखें।

वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने लक्ष्मण सिंह के ट्वीट पर सीधी टिप्पणी नहीं की, लेकिन यह अवश्य कहा कि वे (सिंह) कई बार सही बात कह देते हैं। कौन हैं लक्ष्मण सिंह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के अनुज हैं। वे 1977 में कांग्रेस में आए थे। दो बार विधायक रहने के बाद 1993 में भाजपा में चले गए थे और लोकसभा सदस्य चुने गए। कुछ साल बाद वापस कांग्रेस में आ गए। वे पांच बार लोकसभा सदस्य रहे और अभी तीसरी बार विधानसभा सदस्य बने हैं।

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