UP गैंगस्टर की गिरफ्तारी के चलते आज फिर टला मंत्रियों के विभागों का बंटवारा ….

UP गैंगस्टर की गिरफ्तारी के चलते आज फिर टला मंत्रियों के विभागों का बंटवारा ….

मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरूवार की सुबह मंत्रियों के विभागो के बंटवारे की घोषणा करने वाले थे। मंत्रिमंडल की बैठक भी विभागों का वितरण न होने के कारण निरस्त कर दी गई। संभावना इस बात की जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री विभागों के वितरण से पहले यह संतुष्टि कर लेना चाहते हैं कि विकास दुबे को महाकाल परिसर तक पहुंचाने में उनके किसी मंत्री की कोई भूमिका तो नहीं है ?

महाकाल परिसर तक कैसे पहुँचा विकास …..

कानपुर में आठ पुलिस वालों की हत्या कर विकास दुबे महाकाल परिसर तक कैसे पहुंचा,यह बड़ा सवाल है। मध्यप्रदेश कांगे्रस कमेटी ने एक ट्वीट के जरिए शक की सुई गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की ओर घुमाने की कोशिश की है। कांगे्रस ने कहा है कि नरोत्तम मिश्रा लोकसभा चुनाव में कानपुर के प्रभारी थे। कॉंग्रेस ऐसा कोई प्रमाण नहीं दे सकी है, जिससे इन आरोपों को वजन मिले कि विकास दुबे को मध्यप्रदेश के किसी मंत्री अथवा प्रभावशाली व्यक्ति ने कोई संरक्षण दिया है? जबकि राज्य के गृह मंत्री नरोत्त्म मिश्रा ने कहा कि पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर थीं। इसके चलते ही विकास दुबे पकड़ा गया ।

अलर्ट पर लगी पुलिस की तरह नहीं लगी विकास की गिरफ्तारी

विकास दुबे की गिरफ्तारी के जो वीडियो फुटेज सामने आए हैं, उन्हें देखकर कोई भी आसानी से कह सकता है कि घटनाक्रम प्री स्क्रीप्टेड है। कहा जा रहा है कि विकास दुबे फरीदाबाद से जयपुर,कोटा होता हुआ उज्जैन पहुंचा । हैरान करने वाली बात यह है कि विकास दुबे को राज्य की सीमा पर कहीं भी नहीं रोका गया। विकास दुबे के खिलाफ मध्यप्रदेश में कोई मामला दर्ज नहीं है,इस कारण पुलिस की दिलचस्पी भी यह पता लगाने में दिखाई नहीं दे रही कि आखिर विकास दुबे उज्जैन पहुंचा कैसे? विकास दुबे को मामली पूछताछ के बाद उत्तरप्रदेश पुलिस को सौंप दिया गया है। विकास दुबे ने उज्जैन पुलिस को यह बताया है कि एनकाउंटर से बचने के लिए उसने कानपुर पुलिस पर गोलियां चलाईं थीं। इसमें आठ पुलिस के जवान मारे गए। यह बयान इस बात की ओर साफ इशारा कर रहा है कि विकास दुबे ने अपनी जान बचाने के लिए ही उत्तरप्रदेश के बाहर इस तरह गिरफ्तारी दी। सूत्रों का दावा है कि उज्जैन पुलिस इस बात को पहले से जानती थी कि विकास दुबे महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आ रहा है। विकास दुबे को कथित तौर पर पहचानने वाले सुरक्षा गार्ड को छुट्टी पर भेज दिया गया है।

विभागों का वितरण बना बड़ी पहेली

मंत्रियों के विभागों का वितरण बड़ी पहली बन गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अब इस सवाल का जवाब देने से बच रहे हैं। पिछले तीन में मुख्यमंत्री चौहान तीन अलग-अलग तरह के बयान दे चुके हैं। रविवार को मुख्य्यमंत्री ने दिल्ली में कहा था कि वे सोमवार को भोपाल पहुंचकर विभागों की घोषणा कर देंगे। मंगलवार को भोपाल आने के बाद मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे वर्कआउट कर रहे हैं। एक दिन औरा लगेगा। बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक भी तय हो गई,लेकिन विभाग तय नहीं हो पाए। लिहाजा बैठक गुरूवार तक के लिए टाल दी गई थी। अब कहा जा रहा है कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम के बाद विभागों की घोषणा की जाएगी। प्रधानमंत्री दिल्ली से डिजीटल कार्यक्रम के जरिए रीवा के अलट्र मेगा पावर प्लंट का लोकार्पण करेंगे।

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