MP में बाढ़ राहत के पैसों को लेकर BJP का हमला, कांग्रेस का पलटवार

MP में बाढ़ राहत के पैसों को लेकर BJP का हमला, कांग्रेस का पलटवार

भोपाल। मध्य प्रदेश में बाढ़ से आई तबाही के बाद राहत (Compensation) को लेकर छिड़ा सियासी संग्राम फिर से तेज हो गया है. राज्य सरकार के केंद्र से तत्काल 6000 करोड़ देने की मांग और धरना-प्रदर्शन के बाद केंद्र ने हाल ही में 1000 करोड़ की राशि जारी की है. लेकिन अब इस राशि के इस्तेमाल को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानों की जंग छिड़ गई है. बीजेपी ने कांग्रेस सरकार से सवाल पूछा है कि केंद्र से मिली राहत राशि का इस्तेमाल कहां हुआ और किसानों की मदद के लिए कितनी राशि खर्च की।

बीजेपी का हमला- राज्य बताए केंद्र ने कौन सा पैसा रोका

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा है कि राज्य सरकार को बताना चाहिए कि किस जिले में किस किसान की मदद की गई है और सरकार ये बताए कि केंद्र से मिले एक हजार करोड़ और इससे पहले मिले नौ सौ करोड़ रुपए में से कितना किसानों को राहत के लिए दिया गया है. सरकार को बताना चाहिए कि केंद्र ने किस योजना के तहत राज्य के हिस्से की राशि को रोका है।

‘किसानों के नाम पर सियासत न करे बीजेपी’

वहीं बीजेपी के सवालों पर कांग्रेस सरकार ने पलटवार किया है. प्रदेश के वित्त मंत्री तरुण भनोत ने कहा है कि विपक्ष के सभी सवालों का जवाब आगामी विधानसभा सत्र में दिया जाएगा. राज्य सरकार के मुताबिक केंद्र से जारी राशि मांगी गई राशि के मुकाबले बेहद कम है और बीजेपी को किसान और बाढ़ पीड़ितों के नाम पर सियासत की जगह केंद्र से राशि दिलाने में सहयोग करना चाहिए. वित्त मंत्री तरुण भनोत ने कहा है कि बीजेपी को इस तरह के सवाल पूछना शोभा नहीं देता।

आगामी सत्र में देंगे जवाब

प्रदेश में बाढ़ पीड़ितों के लिए सरकार पूरी मुस्तैदी से जुटी है और बीजेपी इतने गंभीर मामले में राजनीति कर रही है वो ठीक नहीं है. केंद्र से जितनी राशि प्रदेश को मिली है, उससे ज्यादा की राशि सरकार ने किसानों की मदद पर खर्च की है और विपक्ष के सभी तरह के सवालों का जवाब आगामी विधानसभा के सत्र में दिया जाएंगे।

बाढ़ राहत को लेकर सियासत

दरअसल प्रदेश में बाढ़ के कारण 16000 करोड़ के नुकसान का आकलन सरकार ने किया है. इसके लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र से तत्काल 6000 करोड़ रुपए देने की मांग की थी. केंद्र से मदद में देरी पर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने भोपाल से लेकर दिल्ली तक धरना दिया लेकिन देर से जारी 1000 करोड़ की राशि को लेकर अब सियासत छिड़ गई है. बहरहाल बाढ़ और किसानों के मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे की घेराबंदी करने की कोशिश में हैं, जिसका सीधा असर विधानसभा के आगामी सत्र पर पड़ता दिखाई दे रहा है।

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