मुख्य सचिव बोले- मैग्निफिसेंट एमपी पर नहीं दिख रहा मंदी का असर

मुख्य सचिव बोले- मैग्निफिसेंट एमपी पर नहीं दिख रहा मंदी का असर

इंदौर। मध्यप्रदेश में 17 और 18 अक्टूबर को आयोजित होने वाली मैग्नीफिसेंट एमपी की तैयारियों का जायजा लेने मुख्य सचिव एसआर मोहंती इंदौर पहुंचे। यहां ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेटर में उन्होंने अधिकारियों की बैठक ली।प्रमुख सचिव मोहंती ने कहा कि देशव्यापी मंदी का इस पर कोई असर नहीं दिख रहा है। इन्वेस्टर्स मध्यप्रदेश में रुचि दिखा रहे हैं। कार्यक्रम के दो दिन पहले ही आकड़े जारी किए जाएंगे कि कितना इन्वेस्टमेंट हो रहा है। हमारा ध्यान एमओयू साइन कराने की बजाए काम पर होगा। अलग-अलग उद्योगों के लिए 9 से 10 पॉलिसी बनाई जा रही है। मुख्य सचिव ने कहा कि मध्यप्रदेश को वेयर हाउसिंग हब बनाया जा सकता है, उसी दिशा में सरकार काम कर रही है। प्रदेश में वेयर हाउसिंग की सबसे ज्यादा संभावना है, जीएसटी के बाद उसी पर कार्य‍ किया जा रहा है। बैठक में संभाग आयुक्त आकाश त्रिपाठी, पुलिस महानिरीक्षक वरुण कपूर, कलेक्टर लोकेश जाटव, निगमायुक्त आशीष सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रुचिवर्धन मिश्रा सहित सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी मौजूद थे। मुख्य सचिव ने तैयारियों की समीक्षा भी की।

पीएस संजय शुक्ला और राजेश राजोरा भी मौजूद रहे। औद्योगिक विकास निगम के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक अब सरकार का पूरा फोकस मैग्निफिसेंट एमपी का सफलतापूर्वक कार्यक्रम करने पर है। इसके मद्देनजर मंत्रालय में लगातार बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में आने वाले अतिथियों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जाएगा। देश के नामचीन उद्योगपतियों के अलावा छह देशों के राजदूत भी इसमें हिस्सा लेंगे।

समिट में चुनिंदा लोगों को ही बोलने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री के अलावा मुख्य सचिव अपनी बात रखेंगे। प्रदेश में उद्योग की स्थिति और संभावनाओं को लेकर प्रस्तुतिकरण होगा। उद्योगपतियों में चार-पांच ही अपनी बात रखेंगे। मैग्निफिसेंट एमपी से ठीक एक दिन पहले 17 अक्टूबर को सीआईआई कॉन्फ्रेंस होगी। इसमें प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर बात की जाएगी। साथ ही देश के औद्योगिक परिदृश्य पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समिट समाप्त होने के दो दिन बाद तक बैठकें होती रहेंगी। इसमें उद्योग विभाग के अधिकारी विभिन्न् उद्योगपतियों के साथ राउंट टेबल बैठक करेंगे। इस दौरान निवेश प्रस्तावों पर ठोस रणनीति बनाई जाएगी। सरकार ने तय किया है कि कार्यक्रम में जो भी निवेश प्रस्ताव आएगा, उस पर तीन माह के भीतर निवेश संवर्धन की कैबिनेट कमेटी में अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।

प्रोत्साहन सहायता का प्रदेश में ही करना होगा उपयोग

मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में बीते शनिवार को हुई निवेश संवर्धन कैबिनेट कमेटी में निर्णय लिया गया कि उद्योगों को जो भी प्रोत्साहन सहायता दी जाएगी, उसका इस्तेमाल प्रदेश में ही करना होगा। इसे राशि से मौजूदा इकाई का विस्तार, नया प्लांट लगाने जैसे काम किए जा सकते हैं।

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