सर्राफा व्यापारी से लूट करने वाले 4 पुलिसकर्मी निलंबित, CCTV से खुला ये बड़ा राज

सर्राफा व्यापारी से लूट करने वाले 4 पुलिसकर्मी निलंबित, CCTV से खुला ये बड़ा राज

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मंदसौर (Mandsaur) में पुलिसकर्मियों पर सर्राफा व्यापारी से लूटपाट करने का आरोप लगा है. मामले में व्यापारी की शिकायत पर FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है. फिलहाल 4 संदिग्ध पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि एक जवान द्वारा पूछताछ में घटनाक्रम की पुष्टि के बाद जल्द नामजद एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी हो सकती है।

सीएसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि आरक्षक युवराज सिंह की गवाही के आधार पर ये स्पष्ट हो गया है कि घटनाक्रम हुआ है. सब इंस्पेक्टर गोपाल गुनावत, आरक्षक युवराज सिंह, धर्मेंद्र और गौरव को प्राथमिक तौर पर जानकारी के आधार पर निलंबित कर दिया गया है. मामले की तफ्तीश की जा रही है।

दरअसल, 27 नवंबर को रतलाम के सर्राफा व्यवसाई उमराव मूणत से 111 ग्राम सोने की लूट का मामला सामने आया था. इस दौरान तीन पुलिसकर्मियों पर लूटपाट के आरोप लगे थे. जिसके बाद जांच शुरू हुई तो पुलिस को वारदात के सीसीटीवी फुटेज भी मिले. और पूरी वारदात की पुष्टि हुई।

सीएसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि रतलाम के सर्राफा व्यवसाई उमराव मूणत 27 नवंबर को मंदसौर व्यवसाय के लिए आए थे. लेकिन वापस लौटते समय उन्हें रेलवे स्टेशन के पास 2 पुलिसकर्मियों ने मोटरसाइकिल पर बिठाया और पेट्रोल पंप के पास ले गए. जहां पर एक कार के जरिए इन्हें दलोदा ले जाया गया और मारपीट की गई. आरोप है व्यापारी से इस दौरान 111 ग्राम सोना भी लूट लिया गया. इस आवेदन पत्र पर अज्ञात में दो वर्दीधारी और एक कार सवार पर अपराध दर्ज हुआ।

उधर इस पूरे मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है. मंदसौर से बीजेपी विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने कमलनाथ सरकार पर लचर व्यवस्था का आरोप लगाया है. साथ ही सलाह दी कि पुलिस की साख बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाएं. विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने आरोप लगाया कि स्थानांतरण उद्योग में जिस तरह से भारी-भरकम राशि बांटी गई, प्राप्त की गई, उसकी वसूली का मामला डकैती के रूप में सामने आया है. एक सर्राफा व्यापारी से पुलिसकर्मियों द्वारा सोना लूटे जाने के आरोप लगे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारी पर रिपोर्ट वापस लिए जाने के लिए दबाव बनाने की बात भी सामने आ रही है. इस घटनाक्रम से कमलनाथ सरकार की लचर कानून व्यवस्था सामने आई है. मैं सीएम कमलनाथ, गृहमंत्री और डीजीपी से आग्रह करूंगा कि आरोपियों को सिर्फ लाइन अटैच करने से काम नहीं चलेगा।

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