बैंक नोटिस के नाम पर किसानोंं को दे रहे ‘धमकी’, आंदोलन की तैयारी में किसान

बैंक नोटिस के नाम पर किसानोंं को दे रहे ‘धमकी’, आंदोलन की तैयारी में किसान

भोपाल/छतरपुर। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने किसानोंं का कर्ज माफ करने का वादा किया था। सत्ता में आने के बाद सीएम कमलनाथ ने किसान कर्ज माफी की फाइल पर दस मिनट में हस्ताक्षर भी किए थे। सरकार को सत्ता में आए नो महीने हो गए हैं लेकिन बैंक द्वारा किसानोंं को कर्ज चुकाने के नोटिस भेजे जा रहे हैं। इन नोटिस की भाषा भी धमकी भरी है। जिससे किसानों में खासी नाराजगी है। उनका कहना है कि सरकार ने हमारे साथ छल किया है। आगर ऐसा ही रहा तो हम फिर से आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे। 

दरअसल, बुंदेलखंड के किसानों को बैंक द्वारा धमकी भरे नोटिस भेजे जा रहे हैं। नोटिस के अंत में लिखा है कि ‘समझदार बने बैंक का कर्ज समय पर अदा करें और किसी भी होने वाली अप्रिय स्थिति से बचे ध्यान रखे ‘कर्ज़ – कर्ज़ है दान नही’। इस तरह की धमकी युक्त भाषा के साथ मध्यांचल ग्रामीण बैंक की छतरपुर जिले के बक्सवाहा ने केसीसी धारी कृषकों को बैंक नोटिस दिए हैं। जिनमे उनसे अपने लोन की किश्त और ब्याज चुकाने की बात कही गयी है। बैंक मैनेजर का कहना है कि ऊपर से आये हुए आदेश का पालन ज़िले भर में हो रहा है। अब कृषक परेशान हैं की कर्ज़ा माफी के फॉर्म भरने के बाद भी उन्हें यह दिन देखने पड़ रहे हैं। खरीफ फसल में लागत लगाने के बाद पैसे कहाँ से आएंगे, साहूकारों की तरफ जाने को मजबूर है। इस नोटिस के साथ मुख्यमंत्री कमलनाथ की एक चिट्ठी भी दी जा रही हैं। ऐसे हालातों को देखते हुए किसान खुद विरोध करने पर मजबूर हो रहे है और भविष्य में सरकार को कठनाई में डाल सकते है। मध्यांचल ग्रामीण बैंक ने पिछले 15 दिनों में कम से कम 600 को नोटिस जारी किया है और लंबित ऋण को ब्याज सहित चुकाने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ की अपील की एक प्रति संलग्न की है। छतरपुर के करवारा गाँव के दुलीचंद अहिरवार ने कहा, “हम सरकार से कुछ नहीं माँग रहे हैं। हम वही मांग कर रहे हैं जो हमसे वादा किया था। 

बैंक मैनेजर डीसी जैन ने कहा कि पहले चरण में 250 किसानों को जय किसान माफ़ी योजना के तहत लाभ प्राप्त हुआ था। किसानों के नियमित खाते बनाए रखने के लिए, जिन्होंने कृषि ऋण लिया था, लेकिन उसे चुकाया नहीं था, हमने उन्हें नोटिस दिए। “एक बार जब उन्हें ऋण माफी योजना का लाभ मिल जाएगा, तो हम ब्याज में कटौती के बाद राशि वापस कर देंगे, लेकिन अब उन्हें ऋण चुकाना होगा।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल का कहना है कि सरकार ने किसानों से किए वादे अभी तक पूरे नहीं किए हैं। यह सिर्फ हवाई बातें थी जिसकी पोल अब खुलने लगी है। प्रदेश भर में किसानों को बैंक द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानोंं से 14 फिसदी ब्याज भी वसूल रही हैं। भाजपा प्रदेश के किसानों के साथ है। किसान कर्ज माफी पर हम पहले भी सरकार की पोल खोलते रहे हैं। 

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