नक्सली हमले, जिनसे लाल हो गया छत्तीसगढ़

नक्सली हमले, जिनसे लाल हो गया छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में मंगलवार को हुए नक्सली हमले में करीब नौ जवान शहीद हो गए और छह से ज्यादा सीआरपीएफ के जवान घायल हो गए। ऐसा पहले बार नहीं है जब छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने हमला किया हो। माओवादी इससे पहले भी कई बार सीआरपीएफ जवानों, छत्तीसगढ़ पुलिस आदि पर हमले करते रहे हैं, जिसमें भारी क्षति हुई है। आइए आपको बताते हैं छत्तीसगढ़ के बड़े नक्सली हमलों के बारे, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया।

– दंतेवाड़ा जिले में सबसे बड़ा नक्सली हमला 6 अप्रैल 2010 को हुआ था, जिसमें 76 जवान शहीद हो गए थे। सैकड़ों की तादाद में नक्सलियों ने जवानों पर ताबड़तोड़ गोली बरसाई थी।

– वर्ष 2013 में 25 मई को जीरम घाटी में हुई नक्सली हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। यहां कांग्रेस पार्टी के आला नेताओं द्वारा निकाली जा रही परिवर्तन रैली पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था। इस महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल, नंदकुमार पटेल जैसे बड़े कांग्रेसी नेता मारे गए थे।

– इसके बाद अप्रैल 2014 में भी बस्तर में एक बड़ा नक्सली हमला हुआ था, जिसमें पांच जवान शहीद हो गए थे, जबकि 20 लोग घायल हो गए थे।

– अगस्त 2014 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों ने गोलीबारी करके CRPF के तीन जवानों को निशाना बनाया था। जवानों की मुस्तैदी के कारण बड़ा नक्सली हमला टल गया था। लेकिन तीनों जवान बुरी तरह से घायल हो गए थे।

– मंगलवार को हुए नक्सली हमले की तर्ज पर ही अप्रैल 2015 में भी एक बार हमला किया गया था। नक्सलियों ने बारूदी सुरंग बिछाकर सुरक्षा बलों को निशाना बनाया था। लैंड माइन फटने से चार जवान शहीद हो गए थे और आठ जवान घायल हो गए थे।

– सीआरपीएफ की 219वीं बटालियन को नक्सलियों ने मार्च 2017 में निशाना बनाया था। इस हमले भी सीआरपीएफ को जवान शहीद हो गए थे।

– मंगलवार हो हुए नक्सली हमले के एक साल पहले यानी मार्च 2017 में भी नक्सलियों ने लैंडमाइन ब्लास्ट करके सात जवानों शहीद कर दिया था। इसके अलावा मार्च 2017 में ही एक अन्य नक्सली हमले में सीआरपीएफ की 219 वीं बलालियन के 12 जवान शहीद हो गए थे।

– अप्रैल 2017 में सुकमा में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 26 जवान शहीद हो गए थे। जीरम घाटी में हुए हमले के बाद इसे सबसे ज्यादा घातक हमला बताया जाता है।

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