आधी से भी कम रह गई भारतीय रुपये के सामने पाकिस्तानी करेंसी की हैसियत, 151 पर पहुंचा डॉलर

आधी से भी कम रह गई भारतीय रुपये के सामने पाकिस्तानी करेंसी की हैसियत, 151 पर पहुंचा डॉलर

करेंसी मार्केट में पाकिस्तानी रुपया रोजाना गर्त में जा रहा है. मुद्रा बाजार में पस्त पाकिस्तानी रुपये की हैसियत अब भारतीय रुपये से आधे से भी कम रह गई है. अगर आज भी तारीख की बात करें तो एक पाकिस्तानी रुपये की कीमत भारत में मात्र 47 पैसे रह गई है. अगर किसी निवेशक को पाकिस्तानी रुपये के जरिए भारतीय मुद्रा खरीदनी हो तो उसे एक भारतीय रुपया खरीदने के लिए दो से ज्यादा पाकिस्तान रुपया खर्च करना पड़ेगा।

यहां एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि अगर भारत की करेंसी से तुलना करें तो पाकिस्तानी रुपये का भाव नेपाली रुपये से भी कम हो गया है. इस वक्त एक नेपाली रुपये की कीमत 63 पैसे है, जबकि एक पाकिस्तानी रुपये की कीमत 47 पैसे हैं. इस लिहाज से पाकिस्तानी रुपया नेपाल की मुद्रा से भी कमजोर हो गया है।

डॉलर के मुकाबले तो पाकिस्तानी रुपया हर दिन गोता लगा रहा है. एक्सचेंज कंपनीज एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान के मुताबिक शुक्रवार को खुले बाजार में एक डॉलर की कीमत 151 पाकिस्तानी रुपये हो गई है. पाकिस्तानी रुपये के मुकाबले ये डॉलर की अधिकतम कीमत है. पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक पिछले 17 साल में ये पाकिस्तान के स्टॉक मार्केट का सबसे खराब सप्ताह रहा है. बता दें कि इसी दिन यानी कि 17 मई को भारतीय रुपये में एक डॉलर की कीमत 70 रुपये थी।

पाकिस्तान के शेयर बाजार में रोजाना पिट रहे पाकिस्तानी रुपये की हालत देखकर निवेशक और बिजनेस घराने सहमे हुए हैं. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था अभी गंभीर संकट में है. दो दिन में पाकिस्तानी रुपये का मूल्य 5 प्रतिशत कम हो चुका है. डॉलर के मुकाबले गिरता पाकिस्तानी रुपया पहले से ही महंगाई से जूझ रहे पाकिस्तान में और भी संकट बढ़ा रहा है।

पाकिस्तानी रुपया के मुकाबले मजबूत होते डॉलर का मतलब है आयात खर्च और भी बढ़ना. कच्चे तेल के लिए आयात पर निर्भर पड़ोसी देश में पेट्रोल और भी महंगा हो सकता है. पाकिस्तान में इस वक्त महंगाई दर नौ साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है. यहां पर इस वक्त महंगाई दर 9.2 प्रतिशत है।

6 अरब डॉलर के कर्ज से मचा कोहराम

पाकिस्तान को अपनी देश की अर्थव्यवस्था भारी भरकम कर्ज की जरूरत पड़ी है. आईएमएफ पाकिस्तान को कड़ी शर्तों पर 6 अरब डॉलर का बेल आउट पैकेज देने पर राजी हुआ है. इन शर्तों में पाकिस्तानी रुपये का अवमूल्यन, अप्रत्यक्ष करों में इजाफा, बिजली और गैस की दरें बढ़ाना शामिल है।

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