SBI ने सस्ता किया लोन, जानिए होम लोन की EMI में कितने रुपए की राहत मिलेगी

SBI ने सस्ता किया लोन, जानिए होम लोन की EMI में कितने रुपए की राहत मिलेगी

SBI के ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। देश के सबसे बड़े इस बैंक ने ब्याज करों में कमी का ऐलान किया है। SBI ने मार्जिनल कॉस्‍ट ऑफ फंड लेंडिंग रेट यानी MCLR में 0.25 फीसदी की कमी की घोषणा की है। यह कटौती सभी तरह की अवधि के लोन लिए की गई है। नई दर लागू होने के बाद SBI का एमसीएलआर घटकर 7.00 फीसदी रह गया है। इससे पहले यह दर एक साल के लिए 7.25 फीसदी थी। साथ ही SBI ने अपने बेस रेट में भी कमी का ऐलान किया है। यह दर अब 8.15 फीसदी से घटकर 7.40 फीसदी रह गई है। ये सभी नई दरें 10 जून 2020 से लागू होंगी। माना जा रहा है कि इससे होम लोन समेत सभी तरह के कर्ज पर EMI में आएगी।

SBI की घटी ब्याज दरों से किनको होगा फायदा

SBI के इस अहम फैसले का फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा जिन्होंने एक्सटर्नल बेंचमार्क लिंक्ड लेंडिंग रेट (EBR) या रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) के आधार पर लोन लिया है। यानी नई दरें लागू होने के बाद एमसीएलआर से लिंक होम लोन खातों की ईएमआई में 421 रुपए की राहत मिलेगी। वहीं EBR/RLLR से लिंक खातों पर 25 लाख रुपए के 30 साल के लोन पर EMI में 660 रुपए की राहत मिलेगी।

लोन अकाउंट की बिक्री के लिए आरबीआइ का व्यापक फ्रेमवर्क का प्रस्ताव

इस बीच, लोन से ही जुड़े एक अन्य अहम घटनाक्रम के तहत भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने लोन एक्सपोजर की बिक्री के लिए एक व्यापक फ्रेमवर्क का प्रस्ताव किया है। ये लोन स्टैंडर्ड, सब-स्टैंडर्ड या एनपीए कैटेगरी के हो सकते हैं। इसका मकसद लोन कारोबार को विस्तार और गहराई देना है। वर्तमान में लोन एक्सपोजर की बिक्री के लिए आरबीआई के तहत कई अलग-अलग सर्कुलर हैं। आरबीआई के अनुसार, प्रस्तावित फ्रेमवर्क पर सभी साझेदार 30 जून तक अपने सुझाव दे सकते हैं। कर्जदाता कई वजहों से अपने लोन अकाउंट की बिक्री कर सकते हैं। प्रस्ताव में हस्तांतरित किए जाने वाले लोन का वर्गीकरण, लोन अकाउंट खरीदने वाली इकाई और लोन हस्तांतरण के तरीके जैसे मुद्दे प्रमुखता से शामिल हैं।

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