श्योपुर में मवेशी को बचाने के प्रयास में पलटी कार, मां और डेढ़ माह के बेटे की मौत

श्योपुर में मवेशी को बचाने के प्रयास में पलटी कार, मां और डेढ़ माह के बेटे की मौत

श्योपुर।श्योपुर में सड़कों पर घूम रही निराश्रित मवेशी फिर जानलेवा हादसे का कारण बन गई। सड़क पर अचानक आए मवेशी को बचाने के फेर में रफ्तार में आ रही कार पलट गई। हादसे में हरियाणा के उद्योगपति की पत्नी व डेढ़ महीने के बेटे की मौत हो गई। शनिवार की देर रात यह हादसा जैदा मंडी के पास हुआ है।

हरियाणा के फतेहाबाद निवासी सुरेश सिंह सिख ट्रांसफॉर्मर फैक्टरी के मालिक हैं। उन्होंने श्योपुर में पाली रोड पर साहिब नगर में भी ट्रांसफार्मर बनाने की फैक्टरी खोली है। बायपास पर शुभम कॉम्पलेक्स कॉलोनी में किराए से रहने वाले सुरेश सिंह के रिश्तेदार का कोटा में एक्सीडेंट हो गया था। उन्हीं का हालचाल जानने के लिए सुरेश सिंह अपनी पत्नी रविंदर कौर व कुछ रिश्तेदारों के साथ शनिवार को कोटा गए थे। रात 10 बजे वह लौटकर आ रहे थे।

जैदा मंडी के पास सड़क किनारे अचानक मवेशी आ गईं, इसे बचाने के फेर में कार सड़क से उतरी और तीन पलटी खाते हुए पलट गई। हादसे में सुरेश सिंह के डेढ़ साल के बेटे सुखमन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई और चार लोग घायल हो गए। घायलों को रात में ही कोटा रेफर किया गया, रास्ते में सुरेश सिंह की 26 वर्षीय पत्नी सुखमन ने भी दम तोड़ दिया। कोटा अस्पताल में तीन घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें से एक महिला की हालत बेहद नाजुक है।

रात में सड़कों पर सो रहे मवेशी

श्योपुर जिला प्रशासन के रिकॉर्ड अनुसार 17 हजार से ज्यादा मवेशी निराश्रित है, जो सड़कों से लेकर कॉलोनी व बाजारों में घूम रहे है। हकीकत यह है कि निराश्रित मवेशियोंकी संख्या 50 हजार से ज्यादा है। जिले में ऐसी कोई सड़क नहीं जहां मवेशी नहीं हो। निराश्रित मवेशियों के कारण हाईवे से लेकर अन्य सड़कों पर सफर करना खतरनाक होता जा रहा है, ऐसा इसलिए क्योंकि रात में मवेशी सड़कों पर ही सो जाते हैं। बीते दो महीने में सड़कों पर घूम रहे मवेशियों के कारण 15 से ज्यादा गंभीर हादसे हो चुके हैें, जिनमें तीन की जान जा चुकी है और 30 से ज्यादा घायल हो चुके हैं।

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