सूतक लगने से पहले ही बंद हुए मंदिरों के पट, ग्रहण के बाद होगा शुद्धिकरण

सूतक लगने से पहले ही बंद हुए मंदिरों के पट, ग्रहण के बाद होगा शुद्धिकरण

Solar Eclipse 2020 : 21 जून को लगने वाले वर्ष के पहले वलयाकार सूर्य ग्रहण का असर शनिवार को शाम ढलते ही शहर के मंदिरों में नजर आया। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते पहले से मंदिरों के मुख्य द्वार बंद थे, लेकिन संध्याकालीन आरती के बाद ही सूतक लगने से पहले मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। सूर्य ग्रहण आषाढ़ी अमावस्या के दिन रविवार को 3 घंटे 30 मिनट रहेगा। खगोलशास्त्रियों ने जहां ग्रहण को खुली आंखों से नहीं देखने की बात कही है, वहीं ज्योतिर्विदों ने प्राकृतिक आपदा, रोग और पड़ोसी देशों के साथ शत्रुता बढ़ने की आशंका जताई है।

सूर्य ग्रहण का सूतककाल 12 घंटे पहले शनिवार रात 10 बजकर 11 मिनट पर लगा। इसके पहले शहर के सभी देवस्थानों के पट भी बंद कर दिए गए। अब ग्रहण के बाद मंदिरों का शुद्धिकरण किया जाएगा। हालांकि कोरोना संक्रमण के चलते मंदिर पहले से भक्तों के लिए बंद हैं। ग्रहण के चलते लक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में आयोजित ब्रह्मोत्सव में रविवार को सुबह के सत्र के आयोजन नहीं होंगे।

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